गणतंत्र दिवस के मोके पर सोचा कुछ एसा लिखूं की कुछ पल के लिए ही पर कुछ देश के लिए अच्छा करने का एहसास सा तो आये ! हो सकता है हमारा ये प्रयास सफल होने की दिशा मै ही बढ जाये ! ये हमारे देश के लिए सच मै विचारणीय विषय है की जिस देश को लोग सोने की चिड़िया कह कर पुकारते थे उस देश मै कुछ लोग इतने गरीब भी है की उनके पास दो वक़्त की रोटी जुटा पाना भी बहुत मुश्किल हो जाता है ! एसा नहीं की बीते दशक मै हमारे देश ने कई ऊँचाइयों को न छुआ हो पर अगर देश एक तरफ बहुत आगे पहुँच गया है तो उनमे से कुछ एसे लोग भी हैं जिन्हें गरीबी की मार काफी हद तक झेलनी पड़ी है ! क्या हमारा देश सच मै गरीब देश है ? मेरे ख्याल से नहीं ................क्युकी कुछ आंकड़े तो ये कहने से इंकार करते हैं की भारतीय लोग गरीब हैं ...........? पर भारत वास्तव मै गरीब देश है ये भूख से बिलखते बच्चे और गर्भावस्था के दोरान दम तोडती माँ के खुलासे बयाँ करते हैं ! और दूसरी तरफ इसी बात को सिरे से नकार देते हैं उन कला धन जमाखोर जो खाते और कमाते तो भारत मै हैं पर अपनी जमा पूंजी विदेशो के बैंकों मै जमा करवा देते हैं और अपनी जनता जिनसे की उन्होंने ये सब धन कमाया उसे ही रोता बिलखता छोड़ देते हैं ! अब देखो न विदेशों मै 280 करोड़ रूपये............ सिर्फ भारतीयों के मोजुद हैं इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है ! विदेशी बेंको की जानकारी के अनुसार 5 साल के दोरान भारतीय नेताओं , I. A. S अफसर , I . P. S अधिकारियों , कलाकारों और खेल जगत से जुड़े लोगों के 325 बिलियन रूपये विदेशी बेंकों मै जमा हैं ! काला धन बनाने मै भारत सबसे आगे है ! वहां देश का 1456 अरब डालर पैसा जमा है ! पांच एसे देश जो भ्रष्टाचार मै सबसे उपर हैं !
भारत ...............$ 1456 बिलियन ( 1947 से )
रूस ...................$ 470 बिलियन
यु के .................$ 390 बिलियन
युकेरियन .............$ 100 बिलियन
चीन ...................$ 96 बिलियन
अब ये सब खुलासे तो यही बयाँ करते हैं की हमारे अपने देश का इतना पैसा केसे बाहर के देशों मै इस्तेमाल हो रहा है और हमारी जनता कुछ भी कर पाने मै असमर्थ है ! विदेशी बैंक उन सभी लोगों के नाम बताने को तैयार है जिनके वहां पर खाते हैं पर उनका कहना है की अगर भारतीय सरकार उनसे इस बात का खुलासा मांगेगी तभी वो इन सब बातों को बताएगी अन्यथा नहीं पर न जाने क्यु हमारी सरकार इस बात मै इतनी ढिलाई बरत रही है जबकि ये सब हमारे देश के हित की ही बात है ! अगर इनमे नेताओं का भी नाम आता है तो भी देश के हित को ध्यान मै रख कर इसमें कारवाही होनी ही चाहिए ! अब हमारे देश के कुछ एसे व्यापारी लोग भी हैं जो 1. 5 ट्रिलियन डॉलर काला धन कमाते हैं जबकि हमारे देश मै 3000 से 4000 बच्चे एसे हैं जो अच्छे पोषण न मिलने की वजह से रोज़ जान गवां बैठते हैं और हर रोज़ 1000 माएं गर्भावस्था के दोरान जान दे देती हैं ! भारत मै ही 70 % लोग खून की कमी से ग्रसित हैं ! इससे साफ़ जाहिर है की अगर भ्रष्टाचार इसी तेज़ी से बढता रहा तो आने वाले 50 दशकों मै कहीं भारतीयों का वजूद............. ही न खत्म हो जाये ! एक तरफ देश की एसी हालत हो रही और दूसरी तरफ काला धन कमाने वालों का ये हाल है की जेसे पैसा जोड़ - जोड़ कर सीने मै पदक लगाने की तैयारी मै लगे हों ! काला धन संचय अगर अपने देश मै ही रहता तो इन पैसों से हमारे देश की काया ही बदल जाती जेसे ......जिन पैसों का 30 सालों से सिर्फ टेक्स न देने की वजह से छुपा कर रखा हुआ है वही हमारी देश की प्रगति मै चार चाँद लगा देती और हमारा देश खुशहाल देश कहलाने लगता जेसे .....................
1 ...........वही काला धन 60 करोड़ लोगों को नोकरी लगवा सकता है !
2.............हर गाँव और शहर मै सुन्दर सड़कें बनवा सकता है !
3.............हर गाँव मैं बिजली की सुविधा जुटा कर उन्हें रोशन कर सकता है !
4............सभी बुजुर्गों को 2000 रूपये तक दे कर उनकी जीवन शैली सुचारू रूप से चला सकता है !
अब इतना पैसा होने पर भी हमारे देश को अगर किसी और का मुंह ताकना पड़े तो ये हमारे लिए कितने शर्म की बात है ! अगर ये सारा पैसा यहाँ हो तो हमे किसी भी बैंक से लोन लेने की जरूरत ही न पड़े अब इसे अंदाज़ा लगता है की इन लोगों ने हमारा कितना पैसा रोक कर रखा हुआ है ! हमारा और आपका तो ये छोटा सा प्रयास भर ही है की काश कुछ एसा हो जाये की सरकार तक हमारी ये बात पहुँच जाये और वो इन सब के खिलाफ कार्यवाही करने की मंजूरी दे दे और हमारे देश का पैसा वापस हमारे देश मै आ जाये और सबको एक खुशहाल जीवन जीने का हक मिल जाये और हमारी ये मुहीम सफल हो जाये !
काश इस दर्द को .............
कोई तो समझ पाता !
गरीब माँ के आंसुओं को
कोई तो जान जाता !
किस तरह भूखे बच्चों को .....
वो सुलाती होगी !
हर पल रो रो के
पल्लू से मुंह छुपाती होगी !
एसा नहीं की पेसे वालों के ...........
सीने मै कोई दिल नहीं !
लगता है इन सबको देखने का
उनके पास वक़्त नहीं !
पर इस एहसास को उनमें ..............
हमें ही जगाना होगा !
उनको आवाज़ देके.............
हमें ही बुलाना होगा !
क्युकी ये तो हम सब की
सांझी ही लड़ाई है !
क्युकी वो मासूम लोग
हमारे ही तो भाई हैं !
चलो फिर आज से ही
ये प्रण हम लेते हैं !
इन सबके विरुद्ध ................
जंग का एलान करते हैं !
बेड़ियों मै जकड़ी इन ............
मोका परिस्तियों से
अपने देश को स्वतंत्र करते हैं !
आज़ादी की इस मशाल को
एक बार फिर से ज्वलंत करते हैं !
भारत ...............$ 1456 बिलियन ( 1947 से )
रूस ...................$ 470 बिलियन
यु के .................$ 390 बिलियन
युकेरियन .............$ 100 बिलियन
चीन ...................$ 96 बिलियन
अब ये सब खुलासे तो यही बयाँ करते हैं की हमारे अपने देश का इतना पैसा केसे बाहर के देशों मै इस्तेमाल हो रहा है और हमारी जनता कुछ भी कर पाने मै असमर्थ है ! विदेशी बैंक उन सभी लोगों के नाम बताने को तैयार है जिनके वहां पर खाते हैं पर उनका कहना है की अगर भारतीय सरकार उनसे इस बात का खुलासा मांगेगी तभी वो इन सब बातों को बताएगी अन्यथा नहीं पर न जाने क्यु हमारी सरकार इस बात मै इतनी ढिलाई बरत रही है जबकि ये सब हमारे देश के हित की ही बात है ! अगर इनमे नेताओं का भी नाम आता है तो भी देश के हित को ध्यान मै रख कर इसमें कारवाही होनी ही चाहिए ! अब हमारे देश के कुछ एसे व्यापारी लोग भी हैं जो 1. 5 ट्रिलियन डॉलर काला धन कमाते हैं जबकि हमारे देश मै 3000 से 4000 बच्चे एसे हैं जो अच्छे पोषण न मिलने की वजह से रोज़ जान गवां बैठते हैं और हर रोज़ 1000 माएं गर्भावस्था के दोरान जान दे देती हैं ! भारत मै ही 70 % लोग खून की कमी से ग्रसित हैं ! इससे साफ़ जाहिर है की अगर भ्रष्टाचार इसी तेज़ी से बढता रहा तो आने वाले 50 दशकों मै कहीं भारतीयों का वजूद............. ही न खत्म हो जाये ! एक तरफ देश की एसी हालत हो रही और दूसरी तरफ काला धन कमाने वालों का ये हाल है की जेसे पैसा जोड़ - जोड़ कर सीने मै पदक लगाने की तैयारी मै लगे हों ! काला धन संचय अगर अपने देश मै ही रहता तो इन पैसों से हमारे देश की काया ही बदल जाती जेसे ......जिन पैसों का 30 सालों से सिर्फ टेक्स न देने की वजह से छुपा कर रखा हुआ है वही हमारी देश की प्रगति मै चार चाँद लगा देती और हमारा देश खुशहाल देश कहलाने लगता जेसे .....................
1 ...........वही काला धन 60 करोड़ लोगों को नोकरी लगवा सकता है !
2.............हर गाँव और शहर मै सुन्दर सड़कें बनवा सकता है !
3.............हर गाँव मैं बिजली की सुविधा जुटा कर उन्हें रोशन कर सकता है !
4............सभी बुजुर्गों को 2000 रूपये तक दे कर उनकी जीवन शैली सुचारू रूप से चला सकता है !
अब इतना पैसा होने पर भी हमारे देश को अगर किसी और का मुंह ताकना पड़े तो ये हमारे लिए कितने शर्म की बात है ! अगर ये सारा पैसा यहाँ हो तो हमे किसी भी बैंक से लोन लेने की जरूरत ही न पड़े अब इसे अंदाज़ा लगता है की इन लोगों ने हमारा कितना पैसा रोक कर रखा हुआ है ! हमारा और आपका तो ये छोटा सा प्रयास भर ही है की काश कुछ एसा हो जाये की सरकार तक हमारी ये बात पहुँच जाये और वो इन सब के खिलाफ कार्यवाही करने की मंजूरी दे दे और हमारे देश का पैसा वापस हमारे देश मै आ जाये और सबको एक खुशहाल जीवन जीने का हक मिल जाये और हमारी ये मुहीम सफल हो जाये !
काश इस दर्द को .............
कोई तो समझ पाता !
गरीब माँ के आंसुओं को
कोई तो जान जाता !
किस तरह भूखे बच्चों को .....
वो सुलाती होगी !
हर पल रो रो के
पल्लू से मुंह छुपाती होगी !
एसा नहीं की पेसे वालों के ...........
सीने मै कोई दिल नहीं !
लगता है इन सबको देखने का
उनके पास वक़्त नहीं !
पर इस एहसास को उनमें ..............
हमें ही जगाना होगा !
उनको आवाज़ देके.............
हमें ही बुलाना होगा !
क्युकी ये तो हम सब की
सांझी ही लड़ाई है !
क्युकी वो मासूम लोग
हमारे ही तो भाई हैं !
चलो फिर आज से ही
ये प्रण हम लेते हैं !
इन सबके विरुद्ध ................
जंग का एलान करते हैं !
बेड़ियों मै जकड़ी इन ............
मोका परिस्तियों से
अपने देश को स्वतंत्र करते हैं !
आज़ादी की इस मशाल को
एक बार फिर से ज्वलंत करते हैं !
क्या बात है दोस्त.. बधायी हो बधायी... यह पोस्ट आपकी लेखन क्षमता की गवाह है.. एक बुद्धिमान विश्लेशक और अर्थशास्त्री की तरह आपने भ्रष्टाचारियों की पोल खोली है.. यह पोस्ट इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण है की एक शहित्य से जुड़ी हस्ती ने सम्सामयिकि पर लिखा है.. आप देखिये इस पर आपको बहुत व्यापक प्रतिक्रिया मिलेगी..
आँखें खोलती पोस्ट.
जब तक इस देश से रिश्वतखोर और कालाबाजारी करने वाले और देश को खाने वाले नेता ख़त्म नहीं होंगे ,देश में खुशहाली नहीं आ सकती
desh ke netaon ne sone ki chidiya ko bechkar desh ko gareeb kar diya hai ,